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विज्ञान लाइट चाहिए तो जूते पहनकर चलना शुरू कर दीजिये!

लाइट चाहिए तो जूते पहनकर चलना शुरू कर दीजिये!

लाइट चाहिए तो जूते पहनकर चलना शुरू कर दीजिये। अरे हम कोई मज़ाक नहीं कर रहे हैं बल्कि ये सच है आइआइटी रुड़की ने एक ऐसी तकनीक ईजाद की है


By Lafdatv - August 25, 2016



लाइट चाहिए तो जूते पहनकर चलना शुरू कर दीजिये। अरे हम कोई मज़ाक नहीं कर रहे हैं बल्कि ये सच है आइआइटी रुड़की ने एक ऐसी तकनीक ईजाद की है जिसमें जूते के माध्यम से बिजली पैदा की जा सकेगी। मतलब बिजली चाहिए तो जूते पहनिए, चलिए और बिजली तैयार। भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान (आइआइटी) रुड़की के सेंटर ऑफ नैनो टेक्नोलॉजी और यांत्रिक एवं औद्योगिकी अभियांत्रिकी विभाग के सह प्राध्यापक कौशिक पाल और उनकी टीम ने इसे तैयार किया है।उन्होंने एक ऐसा नैनो जनरेटर (डिवाइस) ईजाद किया है, जिसे आसानी से जूते में लगाया जा सकता है। इस डिवाइस में पैर के दबाव से पैदा हुई ऊर्जा का संचय होगा। बाद में डिवाइस को एक तार की मदद से बैटरी से जोड़ दिया जाएगा।

इसमें इतनी बिजली होगी कि 10 वाट का एक एलईडी बल्ब रोशन हो जाएगा। प्रयोग से उत्साहित सह प्राध्यापक कौशिक पाल बताते हैं कि डेढ़ गुणा ढाई इंच की इस डिवाइस पर मात्र 500 रुपये का खर्च आया है। अभी यह आरंभिक दौर में है।

इस नैनो जेनरेटर को फुटपाथ, साइकिल और वाहनों के टायर समेत ऐसे किसी भी स्थान पर लगाया जा सकता है जहां दबाव पड़े। दबाव से पैदा हुई यांत्रिक ऊर्जा (मेकेनिकल एनर्जी) डिवाइस में संचित हो जाती है। बाद में बैटरी के जरिये इसे बिजली में बदला जाता है। नैनो जेनरेटर पूरी तरह से प्रदूषण मुक्त है। इसकी खासियत है कि ये सोलर एनर्जी से सस्ता और सुविधाजनक है। वजह यह कि सोलर एनर्जी के लिए धूप की जरूरत है, जबकि इसके लिए ऐसी कोई बाध्यता नहीं।

शोध टीम की सदस्य नवजोत कौर के अनुसार इसकी क्षमता बढ़ाने पर शोध जारी है। इस सफलता के बाद अब एक डिवाइस से अधिक से अधिक कितनी मात्रा में ऊर्जा पैदा हो सकती है और उससे कितने वॉट तक की एलईडी कितने समय तक जल सकती है, इस पर प्रयोग जारी है।


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