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देश TRP स्कैम: वॉट्सऐप चैट ने खोले कई राज; कश्मीर, पाकिस्तान, पीएमओ, मंत्री सबका है जिक्र

TRP स्कैम: वॉट्सऐप चैट ने खोले कई राज; कश्मीर, पाकिस्तान, पीएमओ, मंत्री सबका है जिक्र

15 जनवरी 2021 को सुप्रीम कोर्ट के वकील प्रशांत भूषण ने twitter पर एक पोस्ट लिखी है। इसमें उन्होंने एक वॉट्सऐप चैट के स्क्रीनशॉट्स शेयर किए हैं। अगर ये स्क्रीनशॉट्स सही हैं तो रिपब्लिक टीवी के एडिटर इन चीफ अर्नब गोस्वामी की मुश्किलें बढ़ सकती हैं और फेक TRP स्कैम में नया मोड़ आ सकता है।



By Newsdesk - January 16, 2021



16 जनवरी 2021 नई दिल्ली

(Disclaimer: कोबरापोस्ट इन whatsapp चैट की सत्यता की पुष्टि नहीं करता और पब्लिक interest में इस खबर को प्रकाशित कर रहा है)   

दरअसल, प्रशांत भूषण ने वॉट्सऐप चैट के जो स्क्रीनशाॅट्स शेयर किए, वे सोशल मीडिया पर वायरल थे। इनमें एक नाम अर्नब का नजर आ रहा है, जबकि दूसरे नाम के बारे में दावा किया जा रहा है कि वे पार्थो दासगुप्ता हैं। दासगुप्ता ब्रॉडकास्ट ऑडियंस रिसर्च काउंसिल यानी BARC के 2013 से 2019 के बीच CEO थे। फेक TRP स्कैम में उनकी गिरफ्तारी हो चुकी है। BARC वह संस्था है, जो देश के 45 हजार घरों में टीवी पर लगे बार-ओ-मीटर के जरिए हर हफ्ते बताती है कि कौन सा चैनल कितना देखा जा रहा है।

सोशल मीडिया पोस्ट्स में दावा किया जा रहा है कि अर्नब और दासगुप्ता के बीच यह बातचीत 2019 में हुई थी। इसे मुंबई पुलिस की क्राइम ब्रांच के पास मौजूद कई सौ पेज की वॉट्सऐप चैट का हिस्सा बताया जा रहा है। हालांकि, मुंबई पुलिस ने अब तक इन स्क्रीनशॉट्स की पुष्टि नहीं की है। कोबरापोस्ट भी इनकी सत्यता की पुष्टि नहीं करता, लेकिन हम यहां बता रहे हैं कि वायरल हो रहे इन चैट स्क्रीनशॉट्स में लिखा क्या है...

मार्च 2017 के वॉट्सऐप चैट में अर्नब पीडीजी (संभवत: पार्थो दासगुप्ता) से कह रहे है कि कैसे ठीक दो दिन पहले PM ने ईटी summit में जाने से माना कर दिया और कैसे इस बीच टाइम्स ग्रुप के एमडी विनीत जैन अमित शाह से मुलाक़ात करते हैं और विनीत को demonetisation पर उनके ट्वीट, रेडियो शो में "मित्रों" सम्बोधन के कार्यक्रम, साधुओं पर ईटी के एडिट और उत्तर प्रदेश पर ईटी की कवरेज के बारे में बताया जाता है। जिसके बाद विनीत आयोजन स्थल से पीएम की तस्वीरें हटाने का हुक्म देते हैं और अपनी editorial टीम को पीएम के भाषणों के कवरेज के बहिष्कार का फरमान सुनाते हैं। शाह जैन को बताते हैं कि वो जानते हैं कि क्यो उनकी कवरेज यूपी में biased है क्योंकि उनको अखिलेश ने Bennett university के लिए 45 एकड़ जमीन जो दी है। (ANNEX:1 & 1.1)  

मार्च 2017 के वॉट्सऐप चैट में पीडीजी अर्नब से एडिटोरियल discussion भी कर रहे हैं जो अर्नब से इनकी नजदीकी को साफ दर्शाता है। पीडीजी अर्नब को कह रहे हैं, yes store some kickass stories. पीडीजी आगे कहते हैं, You should look at Mamta and muslim issues in Bengal (ANNEX:2)

पीडीजी अर्नब के लिए कितने महत्वपूर्ण और करीबी हैं इसका अंदाजा अप्रैल 2017 की इस चैट से लगाया जा सकता है जिसमें अर्नब पीडीजी से कह रहे हैं on 20th charu will call you for a preview जिस पर पीडीजी जवाब देते हैं am not there… 20 th to 1st  जिसके बाद अर्नब कहते हैं then I will launch after you come इस बातचीत से साफ है कि अर्नब पीडीजी को कितनी तवज्जो दे रहे हैं, उनके लिए launch को भी टाल रहे हैं।  (ANNEX:3)

अगस्त 2017 की चैट में अर्नब पीडीजी से एक इवैंट को अच्छे से promote करने के लिए कह रहे हैं जिसमें उस समय केंद्रीय सूचना प्रसारण मंत्री रही स्मृति ईरानी शिरकत करने वाली हैं। बक़ौल अर्नब, anytime anything for you. I just got off the phone with her office they said they have sent. Please promote event in a big way now. अर्नब आगे लिखते हैं, And make sure she feels like whole industry is there for her event. (ANNEX:4)

6 फ़रवरी 2019 को अर्नब, पीडीजी को मैसेज कर बताते है कि उन्होने रजत शर्मा पर एक बड़ी जीत हासिल की है, अर्नब कहते हैं कि मामला दिल्ली हाईकोर्ट में है और रजत शर्मा ने जज को फिक्स करने की कोशिश की लेकिन सुनवाई से पहले बेंच बदल गई जिससे उन्हे मुह की खानी पड़ी। बक़ौल अर्नब, won big battle with Rajat. Matter went to Delhi High court. He tried fixing judge. Bench changed. And he was severely pulled up. (ANNEX:5)  

23 फ़रवरी 2019 की चैट तो और भी चौकने वाली है। इसमें अर्नब पीडीजी से कह रहे है, No sir Pakistan. Something major will be done this time. इस पर पीडीजी कहते हैं Good. It’s good for big man in this season. He will sweep polls then. अर्नब आगे कहते हैं Bigger than a normal strike. And also on the same time something major on Kashmir. On Pakistan the Government (ANNEX:7) 

मार्च 2019 के वॉट्सऐप चैट में अर्नब से एक व्यक्ति कह रहा है कि वे PMO के जरिए मदद की कोशिश करें। इस पर अर्नब कह रहे हैं- noted and will happen. आगे वे लिख रहे हैं कि गुरुवार को वे प्रधानमंत्री से मुलाकात कर सकते हैं। 

अप्रैल 2019 के एक स्क्रीनशॉट के मुताबिक, अर्नब से बातचीत कर रहा व्यक्ति कह रहा है कि क्या वे AS से टेलीकॉम रेगुलेटरी अथॉरिटी ऑफ इंडिया यानी TRAI पर दबाव बनाने को कह सकते हैं? (यहां यह साफ नहीं है कि AS कौन है)। 

अर्नब यह भी कह रहे हैं कि क्या आप मुझे तीन पॉइंट में यह बता सकते हैं कि TRAI की कार्रवाई राजनीतिक तौर पर कैसे AS के खिलाफ जा सकती है। (Annex: 88.1 & 9)

इन स्क्रीनशॉट्स को सोशल मीडिया पर कुछ वेरिफाइड अकाउंट्स से पोस्ट किया गया। इनमें सबसे बड़ा नाम है वकील प्रशांत भूषण का। उन्होंने कहा है कि इन स्क्रीनशॉट्स से पता चलता है कि इस सरकार में कितनी साजिशें हो रही हैं और सत्ता तक कैसे लोगों की पहुंच है। इस देश के कानून के तहत उन्हें लंबी जेल होगी। (ANNEX:10)

दूसरा नाम है प्रशांत कनौजिया, जो ‘बहुजन मैगजीन’ के एडिटर हैं। उन्होंने स्क्रीनशॉट्स शेयर कर अर्नब को TRP टेररिस्ट बताया है। (ANNEX:11)

ऑल्ट न्यूज के को-फाउंडर मोहम्मद जुबैर ने भी एक अलग स्क्रीनशॉट शेयर किया है, जिसमें PDeeGeeA (संभवत: पार्थो दासगुप्ता) TRP के संदर्भ में हो रही बातचीत में कह रहे हैं, ‘सियासी खेल शुरू हो चुका है, मंत्रियों का हवाला दिया जा रहा है।’ इस पर अर्नब की तरफ से जवाब लिखा है, ‘सभी मंत्री हमारे साथ हैं। बाकी सारी बातें बेतुकी हैं।’ (ANNEX:12)

न्यूजलॉन्ड्री के एग्जीक्यूटिव एडिटर अतुल चौरसिया ने भी सोशल मीडिया पर ये स्क्रीनशॉट्स पोस्ट कर इसे इंडिया जर्नलिज्म का राडिया टेप मोमेंट बताया है। (ANNEX:13) 

यह मामला फेक TRP स्कैम से जुड़ा है, जिसका पिछले साल खुलासा हुआ था। इसमें पता चला था कि कुछ चैनल विज्ञापन के जरिए ज्यादा रेवेन्यू कमाने के लिए TRP में हेराफेरी कर रहे हैं। मुंबई पुलिस मजिस्ट्रेट कोर्ट में 1400 पन्नों की चार्जशीट पेश कर चुकी है। इसमें रिपब्लिक टीवी से जुड़े लोगों समेत 12 आरोपियों के नाम हैं। इसी मामले में 6 जनवरी को बॉम्बे हाईकोर्ट में हुई सुनवाई में मुंबई पुलिस ने दावा किया था कि उसे रिपब्लिक टीवी और उसके एडिटर इन चीफ अर्नब गोस्वामी के खिलाफ कुछ सबूत मिले हैं।

अर्नब गोस्वामी रिपब्लिक टीवी के एडिटर इन चीफ़ और मालिक हैं, जबकि पार्थो दासगुप्ता बार्क के पूर्व प्रमुख हैं। पार्थों और दो अन्य लोग टीआरपी घोटाले मामले में इस समय गिरफ़्तार हैं। बातचीत में गोस्वामी प्रधानमंत्री कार्यालय समेत राजनीतिक नेतृत्व के ज़रिए दासगुप्ता की मदद का आश्वासन करते हैं और एक जगह तो यहां तक कहते हैं, "सारे मंत्री हमलोगों के साथ हैं।" पुलिस ने सप्लीमेंट्री चार्जशीट तीन लोगों के ख़िलाफ़ दाख़िल की है जिनमें पार्थो भी शामिल हैं. इससे पहले पुलिस ने 25 नवंबर को चार्जशीट दाख़िल की थी।  


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