पत्नी ने किया पति के साथ ऐसा काम कि पुलिस भी रह गई हैरान , चंदौली कोतवाली पुलिस ने जलेबिया मोड़ के पास से मिले अज्ञात शव का रविवार को पर्दाफाश कर दिया। पुलिस ने मृतक धर्मेन्द्र की पत्नी व उसके दो आशिकों को हत्या के आरोप में गिरफ्तार कर जेल भेजा। यह शव 18 मार्च – शनिवार को मिला था।

पुलिस निरीक्षक एएन सिंह ने फौरी तहकीकात में आरोपी डा. राहुल सिंह व उसके साथी रवि गुप्ता निवासी डेलवरियां थाना जयपुरा व सफाई कर्मी की पत्नी उजाला देवी को गिरफ्तार कर हत्या व अपराध के सबूत मिटाने (धारा 201 आईपीसी) के आरोप के तहत गिरफ्तार कर जेल भेज दिया। पुलिस टीम में एसआई माधव सिंह, एसआई कपिल यादव, एसआई हरिकेश सिंह सहित कांस्टेबिल मुरेल, अमित सिंह, सुमित सिंह, विनय यादव शामिल थे।

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कोतवाली में मीडिया को घटनाक्रम की जानकारी दी गई। पुलिस ने बताया कि वाराणसी नगर निगम में संविदा पर तैनात सफाई कर्मी धर्मेन्द्र सिंह को उसकी पत्नी ने ही अपने आशिक के साथ मिलकर मौत के घाट उतारा। मूलत: डिहवा थाना मडुआडीह जनपद वाराणसी का धर्मेंद्र सिंह करीब 7-8 माह से जयपुरा थाना क्षेत्र के भेलवरिया मुहल्ले में डा. भूपेन्द्र सिंह के मकान में बतौर किरायेदार पत्नी के साथ रह रहा था। उक्त मकान में ही डा. भूपेन्द्र सिंह का कथित भतीजा डा. राहुल सिंह अपनी क्लीनिक खोला था। नशे का आदि सफाई कर्मी धर्मेंद्र अपनी पत्नी उजाला देवी से आए दिन मारपीट करता था। किरायेदार डा. राहुल सिंह दोनों के बीच होने वाले मारपीट में अक्सर मध्यस्थ की भूमिका अदा करते थे। इसके चलते उजाला व राहुल के बीच नजदीकियां बढ़ने लगी। नतीजा यह हुआ कि दोनों के बीच शारीरिक संबंध कायम हो गए।

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इसके बाद पत्नी उजाला देवी ने प्रेमी के साथ मिलकर पति को रास्ते से हटाने की योजना बनाई। 1 मार्च को प्रेमी डा. राहुल सिंह ने सफाई कर्मी धर्मेंद्र को दावत खिलाने के बहाने जलेबिया मोड़ पर अल्टो कार से ले आया। रास्ते में आरोपी राहुल सिंह ने धर्मेंद्र सिंह को छककर शराब पिलाई। ज्यादा नशा चढ़ जाने के बाद उसे जलेबिया मोड़ के पास लाकर शराब की बोतल के प्रहार से लहूलुहान कर दिया जिससे उसकी मौके पर ही मौत हो गई। कई दिनों से घर से लंबे समय से गायब धर्मेंद्र सिंह का अता- पता नहीं चलने से उसका भाई देवेन्द्र सिंह अपनी पत्नी व बहन मीरा देवी के साथ खोजबीन में जुटा था। इसी दौरान 18 मार्च को चकिया कोतवाली क्षेत्र में अज्ञात युवक का शव पाए जाने की जानकारी पर देवेन्द्र स्थानीय कोतवाली पहुंचा जहां कपड़े व फोटो के आधार पर उसने अपने भाई धर्मेद्र की पहचान करते हुए आरोपियों के बाबत पुलिस को जानकारी दी।

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