तैराकी में गोल्ड मेडेल और लगभग 60 मैराथन बिना आंखों के दौड़ चुके हैं 60 वर्षीय अमरजीत

कहते हैं कि उम्र महज़ एक नंबर है। अगर किसी चीज़ को पाना हो तो कड़ी मेहनत और बुलंद इरादे ही काफी हैं। फिर भले ही आप शारीरिक रूप से असमर्थ ही क्यों न हों। इस बात का जीता जागता उदाहरण हैं 60 वर्षीय अमरजीत सिंह जिनके इरादे किसी भी पर्वत से कम नहीं हैं। लगभग 60 मैराथन में दौड़ चुके अमरजीत सिंह 50 मीटर की तैराकी प्रतियोगिता में गोल्ड भी जीत चुके हैं। आपको बता दें ये सब कारनामें उन्होने बिना आंखों के ही किए हैं। दरअसल अमरजीत एक दृष्टि बाधित शख्स हैं। इसके बावजूद भी 19830 फुट की ऊंचाई पर स्थित तिब्बत स्थित कैलाश परिक्रमा के डोल्मा पास को पार करने वाले वह अकेले दृष्टिबाधित पर्वतारोही हैं। उन्होंने मैराथन में 12 साल पहले ही भाग लेना शुरू किया।

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